जो इराक में स्थित थी। इस सभ्यता की शुरुआत लगभग 10,000 ईसा पूर्व से हुई थी| यहाँ पर लोगों ने उच्च स्तर पर सभ्यता को विकसित किया| इस सभ्यता के लोगों ने तकनीक, विज्ञान, अर्थव्यवस्था और कला में विशेष रूप से योगदान दिया।
मेसोपोटामिया का अर्थ :-
मेसोपोटामिया मेसो और पोटामिया शब्दों से मिलकर बना है| मेसो का अर्थ होता है बीच और पोटामिया का अर्थ होता है नदी| अर्थात मेसोपोटामिया का शाब्दिक अर्थ है, दो नदियों के बीच का प्रदेश|
इराक देश में दजला तथा फरात ( टिगरिस और यूफ्रेट्स ) नदियों के मध्य मेसोपोटामिया स्थित है| मेसोपोटामिया चार सभ्यताओं से मिलकर बना है :-
- बेबीलोन की सभ्यता
- असीरिया की सभ्यता
- सुमेरिया की सभ्यता
- कैल्ड्रिया की सभ्यता
सुमेरिया के लोगो ने मेसोपोटामिया की सभ्यता की शरुआत की थी| बेबीलोन के लोगों ने इस सभ्यता को उन्नति के शिखर तक पहुंचाया, जबकि असीरिया के लोगों की क्रूरता के कारण इस सभ्यता का विनाश हुआ|
मेसोपोटामिया के लोग नगर के पवित्र क्षेत्र में संरक्षक देवता के लिए मंदिर का निर्माण किये थे, जिसे जिगुरत(Ziggurat) कहते थे| जीगुरत का अर्थ होता है - स्वर्ग की पहाड़ी|
विश्व की सबसे पहली सभ्यता मेसोपोटामिया की सभ्यता थी, जबकि विश्व की पहली नगरी सभ्यता सिंधु सभ्यता थी|
मेसोपोटामिया सभ्यता की प्रमुख उपलब्धियां :-
- नेबूचद नजर नामक राजा ने बेबीलोन में अपनी रानी की याद में एक बहुत ही विशाल बगीचा बनवाया था, जिसे झूलता हुआ बग़ीचा (Hanging Garden) कहा जाता है| इसकी गिनती विश्व के सात अजूबों में की जाती है|
- दुनिया को सबसे पहले कुम्हार के चाक का प्रयोग करना मेसोपोटामिया के लोगों ने ही सिखाया था |
- मेसोपोटामिया सभ्यता ने विश्व का सबसे पहला लिखित क़ानून संग्रह दिया था |
- इस सभ्यता के लोगों ने ही सबसे पहले घंटे को 60 मिनट में, मिनट को 60 सेकण्ड में तथा वृत्त को 360° में बाँटा था|
- मेसोपोटामिया में सबसे पहले स्कूल और लाइब्रेरी खोले गए थे |
- इसी सभ्यता से लोगों ने स्तम्भ, गुम्बद और मेहराब बनाना सीखा|
मेसोपोटामिया सभ्यता की विशेषताएं :-
1. हम्मूराबी की विधि संहिता :-
हम्मूराबी बेबीलोन का महान शासक था| उसने 42 वर्षों तक शासन किया| हम्मूराबी ने बेबीलोन में प्रचलित कानूनों को संकलित करके उसने 244 मीटर पत्थर के स्तम्भ पर लिखवा दिया| स्तम्भ के ऊपरी हिस्से में हम्मूराबी को सूर्य देवता से कानूनों को ग्रहण करते हुए दिखया गया है| इस कानून संहिता को बेबीलोन के प्रमुख जिगुरत मंदिर में रखा गया था|
हम्मूराबी की विधि संहिता को विश्व का प्रथम लिखित कानून संग्रह तथा हम्मूराबी को विश्व का प्रथम क़ानून निर्माता माना जाता है|
2. लिपि और साहित्य :-
मेसोपोटामिया की सभ्यता की सबसे आश्चर्यजनक उपलब्धि वहाँ की लिपि है। एक व्यवस्थित लेखन-कला का विकास सर्वप्रथम लगभग 3000 ई०पू० में सुमेर के निवासियों ने किया जिसे 'कीलाकार लिपि' (cuneiform script) कहते हैं। उस लिपि में लगभग 250 अक्षर तथा शब्द थे जिन्हें चिन्हों, चित्रों तथा संकेतों द्वारा व्यक्त किया जाता था। बाद में यह लिपि चित्र प्रधान लिपि से बदलकर रेखा प्रधान लिपि के साथ ध्वनि बोधक लिपि बन गई।
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| Cuneiform Script |
इसे चिकनी मिट्टी की गीली पट्टियों के चिकने धरातल पर नहन्नी जैसे तेज औजार से लिखा में जाता था। सुमेरिया की खुदाई में एक ऐसा पुस्तकालय मिला है जिसमें लगभग 30 हजार पट्टियाँ रखी थीं। इन पट्टियों पर कहानियाँ, महाकाव्य, गीत काव्य, धार्मिक उपदेश आदि मिले हैं। इससे स्पष्ट है कि मेसोपोटामिया के निवासी साहित्य प्रेमी थे। इस लिपि के अनेक नमूने बेबीलोन में भी मिले हैं|
कीलाकार लिपि को पढ़ने का श्रेय फारस में नियुक्त हेनरी रटॉलिन्सन नामक एक अंग्रेज अधिकारी को प्राप्त है जिसे 12 वर्षों के अथक परिश्रम के बाद एक चट्टान पर खुदे 'बेहिस्तून अभिलेख' को पढ़ने में सफलता मिल पाई।
3. विज्ञान एवं खगोलशास्त्र :-
मेसोपोटामिया के लोगों ने विज्ञान के कुछ क्षेत्रों में उल्लेखनीय उन्नति की।
(i) गणित – मेसोपोटामिया के लोगों ने गणित, विशेषकर अंकगणित तथा रेखागणित में महत्त्वपूर्ण प्रगति की। उन्होंने 1, 10 तथा 100 के चिन्हों की खोज की। उन्होंने ही पूरे दिन को 24 घण्टों में, वर्ष को 12 महीनों में, एक घण्टे को 60 मिनट में, 1 मिनट को 60 सेकण्ड में तथा वृत्त को 360 अंशों में विभक्त किया था। उनकी गिनती में 60 के अंक के विशेष महत्त्व के कारण उनकी गणना प्रणाली 'षट् दाशमिक प्रणाली' कहलाती है।
रेखागणित के क्षेत्र में उन्होंने उस सिद्धान्त को जान लिया था जिसे बाद में पाइथागोरस के प्रमेय का नाम दिया गया। भवन निर्माण तथा दूरी का अनुमान लगाने में यह सिद्धान्त इनके लिए अत्यन्त सहायक सिद्ध हुआ।
(ii) खगोल विद्या या ज्योतिषशास्त्र -
इस क्षेत्र में भी इन लोगों ने विशेष उन्नति की थी। वे दिन व रात की अवधि का हिसाब लगा सकते थे। वे सूर्योदय, सूर्यास्त तथा चन्द्रोदय व चन्द्रास्त का ठीक समय बता सकते थे। उन्होंने सूर्यग्रहण तथा चन्द्रग्रहण के कारणों की खोज की। सूर्य घड़ी तथा धूप घड़ी का आविष्कार भी इसी सभ्यता के लोगों ने किया था।
(iii) पंचांग -
मेसोपोटामिया के निवासियों ने चन्द्रमा की गति पर आधारित 'चन्द्र पंचांग'' का भी आविष्कार किया था। उनका पंचांग अशुद्ध था, क्योंकि 'चाँद वर्ष' 'सौर वर्ष' से 11 दिन कम होता है। इस अशुद्धि के होते हुए भी यह मेसोपोटामिया के लोगों की एक महान उपलब्धि थी।
(iv) चिकित्सा -
उन्होंने अनेक भयानक रोगों के निदान के लिए कुछ औषधियाँ तैयार कर ली थीं।
FAQ -
1. मेसोपोटामिया की सभ्यता किस नदी घाटी के किनारे विकसित हुई थी?
उत्तर–मेसोपोटामिया की सभ्यता ईराक देश में दजला तथा फरात नाम की दो नदियों के मध्य में स्थित घाटी में विकसित हुई।
2. जिगुरत (Ziggurat) से आप क्या समझते हैं?
उत्तर- मेसोपोटामिया के लोग नगर के पवित्र क्षेत्र में नगर के संरक्षक-देवता के लिए मन्दिर का निर्माण करवाते थे जिसे 'जिगुरत' कहते थे।
3. मेसोपोटामिया से क्या अभिप्राय है?
उत्तर- ईराक देश में दजला तथा फरात नाम की दो नदियों के मध्य में स्थित घाटी को 'मेसोपोटामिया' कहा जाता था।
4. मेसोपोटामिया की सभ्यता किन-किन सभ्यताओं का मिश्रण हैं?
उत्तर - मेसोपोटामिया की सभ्यता इन तीन सभ्यताओं का मिश्रण है- (1) सुमेरिया की सभ्यता, (2) बेबीलोनिया की सभ्यता तथा (3) असीरिया की सभ्यता।
5. मेसोपोटामिया की सभ्यता के दो प्रमुख केन्द्रों के नाम लिखिए।
उत्तर- मेसोपोटामिया की सभ्यता के दो प्रमुख केन्द्र थे—(1) सुमेरिया तथा (2) बेबीलोन।
6. मेसोपोटामिया के दो प्रमुख देवताओं के नाम लिखिए।
उत्तर - मेसोपोटामिया के दो प्रमुख देवता थे-(1) शम्स (सूर्य देवता) तथा (2) अनु (आकाश देवता)।
7. हम्मूराबी (Hammurabi) कौन था? वह अपने किस विशेष कार्य के लिए जाना जाता है?
उत्तर - हम्मूराबी बेबीलोन का एक महान शासक था। उसकी विधि-संहिता को विश्व का प्रथम लिखित कानून-संग्रह माना जाता है।
8. मेसोपोटामिया का समाज कितने वर्गों में विभक्त था?
उत्तर - मेसोपोटामिया का समाज तीन वर्गों में विभक्त था-(1) उच्च वर्ग, (2) मध्यम वर्ग तथा (3) निम्न वर्ग।
9. मेसोपोटामिया के लोगों के पंचांग की क्या प्रमुख विशेषता थी?
उत्तर- मेसोपोटामिया के निवासियों द्वारा तैयार 'चन्द्र पंचांग' चन्द्रमा की गति पर आधारित था।


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